ट्रम्प जिस दिन से व्हाइट हाउस आए हैं उसी दिन से अजीब व्यवहार कर रहे है। कुछ मनोवैज्ञनिक उनकी अजीबो ग़रीब हरकतों को देख कर कह रहे हैं कि ट्रम्प आत्ममोह नामक मानसिक रोग से ग्रस्त हैं। यही कारण है कि उन्होंने पिछले १० दिनों में जो २० आदेश जारी किए हैं। उसने सबका ध्यान आकर्षित किया है और वह यह कि लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर आधारित अमेरिकी सिस्टम के केंद्र में एक ही व्यक्ति है। अमेरिकी समाज और न्यायपालिका में ट्रम्प का विरोध शुरू हो चुका है कुछ न्यायधीशों ने ट्रम्प के वीज़ा नियमों को असंवैधानिक बताया है।
विश्लेषकों के अनुसार ट्रम्प अपनी इसी राजनीति को जारी रखेंगे जिससे अमेरिका में तनाव और ट्रम्प का विरोध बढ़ेगा। इस स्थिति में ट्रम्प की छवि रिपब्लिक पार्टी में भी धूमिल होगी जिससे डेमोक्रैट पार्टी को आने वाले चुनाव में फायदा होगा।
इतिहास साक्षी है कि जब जब बड़ी ताक़तों के अंदरूनी हालात बिगड़े हैं तो उन्होंने अपनी सीमाओं से बाहर युद्ध छेडा है ताकि देश के अंदर उठी असन्तोष की लहरो और सियासी विरोध को देशभक्ति के सामने अनदेखा कर दिया जाए अथवा देशद्रोही बताकर चुप करा दिया जाए। इसलिए सम्भावना है कि ट्रम्प इस सूरत में अमेरिकी सीमा से दूर कोई युध्द छेड़ बैठें। ट्रम्प और उनके सहयोगियों विशेषकर रक्षामंत्री की ईरान दुश्मनी को देखते हुए इस सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता कि वो देश ईरान ही हो।
ट्रम्प की दुष्टता से बचने के लिए ईरान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयम और सूझबूझ का परिचय देना होगा। अभी विश्व समुदाय ट्रम्प से सहमत नहीं है और परस्थिति ईरान के हित में है लेकिन ईरान की कोई भी चूक माहौल को बदल सकती है ।
ईरान को अपनी विदेश नीति को इसी तरह होशियारी से आगे बढ़ाना होगा अगर ऐसी परस्थिति में अमेरिका ईरान के विरोध मे कोई क़दम भी उठाना चाहे तो विश्व समुदाय इस बात की कदापि अनुमति नहीं देगा।
4 फ़रवरी 2017 - 19:15
समाचार कोड: 809463
ट्रम्प जिस दिन से व्हाइट हाउस आए हैं उसी दिन से अजीब व्यवहार कर रहे है। कुछ मनोवैज्ञनिक उनकी अजीबो ग़रीब हरकतों को देख कर कह रहे हैं कि ट्रम्प आत्ममोह नामक मानसिक रोग से ग्रस्त हैं।